
India won a record seven boxing gold medals at the 2026 Commonwealth Games in Glasgow, surpassing its previous best of three. Lovlina Borgohain, who took silver in the women’s 75kg category, credited…
भारत ने ग्लासगो में 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्ड सात बॉक्सिंग स्वर्ण पदक जीते, जो उसके पिछले सर्वश्रेष्ठ तीन से अधिक है। महिला 75 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन ने महिला मुख्य कोच सैंटियागो नीवा को 2024 के कठिन दौर सहित सकारात्मक प्रशिक्षण माहौल बनाने का श्रेय दिया।
लवलीना अब 17 सितंबर से जापान में होने वाले एशियाई खेलों को लक्ष्य बनाएंगी, जो उन्हें एशिया की बॉक्सिंग ताकत के कारण और कठिन लगने की उम्मीद है। उनका राष्ट्रमंडल पदक उन्हें मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनाता है। असम सरकार ने उन्हें सम्मानित किया और 30 लाख रुपये प्रदान किए। उन्होंने कहा कि उनकी हारें उन्हें स्वर्ण की खोज में प्रेरित करती रहती हैं।
आसान कहानी यह है कि भारत की बॉक्सिंग में उछाल एक कोच की वजह से है या लवलीना की रजत यह साबित करती है कि वह कम पड़ गई हैं। दोनों दावे लंबे रिकॉर्ड को नजरअंदाज करते हैं। नीवा का कैंप संस्कृति मायने रखती है, लेकिन स्थायी सफलता पूरी टीम की तैयारी पर निर्भर करेगी। लवलीना का पदक संग्रह लचीलापन दिखाता है, जबकि उनकी एशियाई खेल चुनौती एक कड़ी परीक्षा प्रदान करेगी। सात राष्ट्रमंडल स्वर्ण प्रोत्साहक हैं, लेकिन जापान दिखाएगा कि यह सफलता कितनी दूर तक जाती है।
स्रोत: assamtribune.com
यह कहानी ऊपर दिए गए स्रोत से AI द्वारा संश्लेषित की गई थी।