
Prime Minister Narendra Modi said in his Independence Day speech that India had moved from the “Fragile Five” group to becoming a major economy over the past 12 years. Morgan Stanley coined…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में कहा कि भारत पिछले 12 वर्षों में ‘फ्रेजाइल फाइव’ समूह से ऊपर उठकर एक प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है। मॉर्गन स्टेनली ने 2013 में भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया था, जिन्हें बाहरी वित्तीय झटकों के प्रति संवेदनशील माना जाता था।
भारत को उस समय उच्च मुद्रास्फीति, बढ़ते चालू खाता घाटे, कमजोर रुपये और विदेशी पूंजी पर निर्भरता के कारण इस समूह में शामिल किया गया था। साल 2014 में बाहरी संतुलन में सुधार और विदेशी मुद्रा भंडार के मजबूत होने के बाद भारत इस समूह से बाहर निकल गया। मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य भी रखा और रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, इंटरनेट उपयोगकर्ताओं तथा डिजिटल लेनदेन में हुई बढ़ोतरी का हवाला दिया।
‘फ्रेजाइल फाइव’ का लेबल अक्सर एक राजनीतिक स्कोरकार्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह 2013 की विशिष्ट कमजोरियों को दर्शाता था न कि भारत के लिए कोई स्थायी फैसला। उसी तरह केवल उत्पादन और लेनदेन में बढ़ोतरी यह साबित नहीं करती कि व्यापक समृद्धि आ गई है। असली परीक्षा यह है कि मजबूत भंडार और तेज विकास दर का लाभ स्थिर नौकरियों, नियंत्रित मुद्रास्फीति और बेहतर घरेलू आय में मिल रहा है या नहीं। ये आंकड़े ही तय करेंगे कि यह बदलाव कितना पूर्ण है।
स्रोत: hindustantimes.com
यह खबर एआई द्वारा ऊपर दिए गए स्रोत से तैयार की गई है।