
The Gujarat High Court and Gujarat State Judicial Academy have launched a fortnightly study circle for advocates with up to 10 years of practice before the High Court. Chief Justice Sunita Agarwal…
गुजरात हाईकोर्ट और गुजरात राज्य न्यायिक अकादमी ने हाईकोर्ट में 10 साल तक की प्रैक्टिस वाले वकीलों के लिए पाक्षिक अध्ययन मंडल शुरू किया है। मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल ने अहमदाबाद में शनिवार को ध्वजारोहण समारोह के बाद इस कार्यक्रम की घोषणा की। पहले मॉड्यूल में अनुच्छेद 226 के तहत रिट क्षेत्राधिकार, प्रशासनिक विधि, सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 100 के तहत द्वितीय अपील और सीआरपीसी की धारा 482 व बीएनएसएस की धारा 528 के तहत आपराधिक क्षेत्राधिकार शामिल होगा। सत्रों का नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ता और विषय विशेषज्ञ करेंगे। रजिस्ट्रेशन जीएसजेए वेबसाइट पर खुलेगा और प्रत्येक कार्यक्रम की फीस 100 रुपये होगी।
यह दावा कि युवा वकीलों को अदालत में अधिक अनुभव की जरूरत है, उचित है, लेकिन अकेले प्रशिक्षण सत्रों से देरी, कमजोर कानूनी शोध या वरिष्ठ मार्गदर्शन तक असमान पहुंच को ठीक नहीं किया जा सकता। न ही यह एक औपचारिक कार्यक्रम बनना चाहिए जिसका मुख्य नतीजा प्रमाणपत्र हो। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह मंडल अपने पहले तीन मॉड्यूल से आगे बढ़ेगा और क्या प्रतिभागी बेहतर ड्राफ्टिंग और तर्क-वितर्क की रिपोर्ट देते हैं। पहले छह महीनों के बाद उपस्थिति के आंकड़े और फीडबैक से पता चलेगा कि 100 रुपये वाले सत्र व्यावहारिक मूल्य देते हैं या नहीं।
स्रोत: newindianexpress.com
यह कहानी ऊपर दिए गए स्रोत से AI द्वारा संश्लेषित की गई है।