
Prime Minister Narendra Modi on Saturday warned that the weaponisation of global resources and strategic sea routes by some countries threatens India's economic security, urging greater self-reliance in energy at his 80th…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चेताया कि कुछ देशों द्वारा वैश्विक संसाधनों और सामरिक समुद्री मार्गों को हथियार बनाए जाने से भारत की आर्थिक सुरक्षा को खतरा है। लाल किले से अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में उन्होंने ऊर्जा में अधिक आत्मनिर्भरता का आह्वान किया।
मोदी ने कहा कि ईंधन और दवाइयों जैसे संसाधनों को अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध की पृष्ठभूमि में भू-राजनीतिक दबाव के उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले शिपिंग को बाधित कर दिया है। रेडिफ डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, इस संकीर्ण जलमार्ग से 2025 में प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ बैरल तेल का आवागमन हुआ था, और भारत को अपने कच्चे तेल का लगभग आधा तथा एलएनजी का दो-तिहाई हिस्सा इसी मार्ग से प्राप्त होता है।
भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 90 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस की आधी जरूरतें आयात से पूरी करता है। मोदी ने समुद्र में तेल भंडार दोहन के लिए 84,084 करोड़ रुपये की ‘समुद्र मंथन’ अपतटीय अन्वेषण योजना का उल्लेख किया, और कहा कि सरकार ने तेल और गैस अन्वेषण के लिए 99 प्रतिशत तलछटी घाटियों को खोल दिया है।
स्रोत: रेडिफ डॉट कॉम
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