
Saare Jahan Se Accha and Vande Mataram remain closely linked to India’s Independence Day, NDTV Profit reports. The songs continue to inspire listeners and recall the country’s freedom struggle since independence in…
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार सारे जहां से अच्छा और वंदे मातरम भारतीय स्वतंत्रता दिवस से गहराई से जुड़े हैं। ये गीत 1947 में आजादी मिलने के बाद से ही सुनने वालों को प्रेरित कर रहे हैं और देश के स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक जनमानस में इनका स्थायी स्थान भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी दर्शाता है। आजादी के दशकों बाद भी ये दोनों रचनाएं उस संगीत शब्दावली का हिस्सा बनी हुई हैं जिसके जरिए देश अपनी राष्ट्रीय भावना को व्यक्त करता है। इनकी निरंतर मौजूदगी बताती है कि देशभक्ति का संगीत आज भी ऐतिहासिक यादों को वार्षिक राष्ट्रीय उत्सवों से जोड़ता है।
देशभक्ति संगीत को केवल शोर-शराबे वाले समारोहों तक सीमित करना या हर राष्ट्रीय गीत को राजनीतिक कसौटी पर परखना आसान है। लेकिन यह एक बड़ी बात को नजरअंदाज करना है कि सारे जहां से अच्छा और वंदे मातरम इसलिए टिके हुए हैं क्योंकि ये यादों भावनाओं और साझा सार्वजनिक अवसरों को जोड़ते हैं। इनका मूल्यांकन नारों से नहीं बल्कि इस बात से किया जाना चाहिए कि क्या आज भी भारत भर के लोग स्वतंत्रता दिवस पर इन्हें गाना पसंद करते हैं।
स्रोत (2): ndtvprofit.com, ndtvprofit.com (2)
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