
Times of India highlights Plato’s quote from The Republic: “The heaviest penalty for declining to rule is to be ruled by someone inferior to yourself.” The Greek philosopher warned that avoiding leadership…
टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्लेटो के द रिपब्लिक के उद्धरण पर प्रकाश डाला है कि शासन न करने की सबसे भारी सजा आपसे कमतर व्यक्ति द्वारा शासित होना है। यूनानी दार्शनिक ने चेतावनी दी थी कि नेतृत्व से बचने का मतलब यह नहीं है कि आप इसके परिणामों से बच जाएंगे क्योंकि निर्णय तो फिर भी दूसरे लोग ही लेंगे जो संभवतः आपसे कम सक्षम हो सकते हैं। प्लेटो महत्वाकांक्षा का गुणगान नहीं कर रहे थे बल्कि उनका आदर्श शासक एक अनिच्छुक दार्शनिक राजा था जिसे न्याय के लिए शिक्षित किया गया था न कि निजी लाभ के लिए। लेख में उल्लेख है कि कार्यस्थलों या समुदायों में चुप रहने वाले सक्षम लोग अक्सर उन निर्णयों के कारण पीड़ित होते हैं जिन्हें वे रोक सकते थे।
प्लेटो के इस कथन के इर्द-गिर्द अक्सर यह आलस्यपूर्ण धारणा बनाई जाती है कि यह सत्ता के भूखे लोगों को सही ठहराता है। वास्तव में द रिपब्लिक में उनका आदर्श शासक अनिच्छुक था न कि सत्ता का लोभी। आम भारतीयों के लिए कड़वा सच यह है कि हाउसिंग सोसायटियों स्थानीय समितियों और यहां तक कि नागरिक चुनावों में हमारी हिचकिचाहट के कारण अयोग्य लोग जगह ले लेते हैं। वास्तविक परीक्षा यह नहीं है कि सत्ता कौन चाहता है बल्कि यह है कि जिम्मेदारी से उसे कौन स्वीकार करता है। क्या अगले साल होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में सक्षम उम्मीदवार आगे आएंगे या दबाव का हवाला देकर दूर रहेंगे?
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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