
A Delhi court has sentenced Nitesh Kashyap and his mother Meena to 12 years' rigorous imprisonment each for the dowry death of his wife, who was 10 weeks pregnant when she died…
दिल्ली की एक अदालत ने नितेश कश्यप और उसकी मां मीना को दहेज हत्या के मामले में 12-12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। नितेश की पत्नी, जो जून 2021 में आत्महत्या करते समय 10 सप्ताह की गर्भवती थी, की मौत हो गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रिया महेंद्र ने कहा कि लगातार क्रूरता और दहेज की मांगों ने महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर किया, जिससे सिर्फ एक नहीं बल्कि दो जिंदगियां खत्म हुईं। अदालत ने बचाव पक्ष के व्यभिचार संबंध के दावे को खारिज करते हुए उसकी निष्ठा पर सवाल उठाने को ‘आखिरी तिनका’ करार दिया, जब वह पहले ही दहेज के उत्पीड़न से गुजर चुकी थी।
महिला ने 15 मार्च 2021 को नितेश से शादी की थी और तीन महीने के भीतर ही अपने ससुराल में मर गई। अभियोजक कमाल अख्तर ने बताया कि गर्भावस्था का पता चलने के बाद उससे एक महंगी मोटरसाइकिल, एयर कंडीशनर के लिए 30 हजार रुपये और रिश्तेदारों के लिए सोने के गहनों की मांग की गई थी। न्यायाधीश ने कहा कि प्रारंभिक गर्भावस्था के बावजूद उसे उचित भोजन नहीं दिया गया, और टिप्पणी की कि ‘दहेज उत्पीड़न से होने वाली मौतों का संकट अभी भी हमारे भारतीय समाज में व्याप्त है।’ उन्होंने माना कि मां-बेटे की जोड़ी किसी दया की हकदार नहीं है।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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