
Actor Arjan Bajwa said choosing an unconventional path can be an act of courage and liberation, especially when it means resisting expectations or saying no when others expect agreement. Speaking to Bollywood…
अभिनेता अर्जन बाजवा का कहना है कि लीक से हटकर रास्ता चुनना साहस और मुक्ति का काम हो सकता है, खासकर तब जब इसका मतलब समाज की अपेक्षाओं को ठुकराना या लोगों की सहमति की उम्मीद के बीच ना कहना हो। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में बाजवा ने कहा कि शुरुआत में लोग ऐसे फैसलों को धारा के विपरीत मान सकते हैं, लेकिन बाद में वे इसके पीछे के कारणों को समझकर सम्मान भी कर सकते हैं।
बाजवा ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को अपनी प्रेरणा बताया और कम उम्र में देश की आजादी के संघर्ष के लिए उनके जीवन को समर्पित करने के फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के पीछे के बलिदानों और संघर्षों को याद रखने से लोगों को अपनी रोजमर्रा की आजादी, खुशी और शांति को हल्के में न लेने में मदद मिल सकती है।
आसान कहानी यह है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मतलब केवल समाज की अनदेखी करना है, जबकि दूसरी धारणा बलिदान को केवल राष्ट्रीय पर्वों के लिए आरक्षित एक नारा मानती है। बाजवा की टिप्पणी एक सीमित लेकिन उपयोगी दृष्टिकोण प्रदान करती है। स्वतंत्रता अपने साथ विकल्पों और स्मृतियों की जिम्मेदारी भी लाती है। इस विचार को आम जीवन में परखने की जरूरत है, जहां असली मापदंड यह है कि क्या लोग असहमत हो सकते हैं, दबाव को अस्वीकार कर सकते हैं और फिर भी दूसरों के अधिकारों का सम्मान कर सकते हैं।
स्रोत: bollywoodhungama.com
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