The Centre told the Lok Sabha that no proposal from Karnataka seeking an Environmental Clearance (EC) for diversion of the Mahadayi river is pending before the Union government. Union Minister Kirti Vardhan…
केंद्र ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि महादयी नदी का रुख मोड़ने के लिए कर्नाटक की ओर से पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) का कोई भी प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित नहीं है। केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गोवा के सांसद कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मंत्रालय में महादयी या मांडवी नदी से जुड़ी किसी भी परियोजना पर फिलहाल विचार नहीं किया जा रहा है।
कर्नाटक के अधिकारियों का तर्क है कि कलसा और बंदूरी नाला परियोजनाओं के लिए ईसी की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ये पेयजल योजनाएं हैं और सिंचाई या जलविद्युत परियोजनाएं नहीं हैं। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने टाइगर कॉरिडोर में कलसा नाला डायवर्जन योजना के लिए कर्नाटक को वन भूमि के उपयोग की अनुमति नहीं दी है। गोवा के सांसद ने पेयजल सुरक्षा और खारे पानी के प्रवेश की चिंताओं का हवाला दिया था।
गोवा के सांसद का प्रश्न कर्नाटक की महादयी योजना को एक पर्यावरणीय खतरे के रूप में पेश करता है लेकिन कर्नाटक सरकार का खंडन कानूनी रूप से वजन रखता है क्योंकि पेयजल परियोजनाएं वास्तव में ईसी से छूट प्राप्त हैं। असली परीक्षा मंत्रलय के बयानों में नहीं बल्कि लंबित वन और वन्यजीव मंजूरियों में है जिसे कर्नाटक ने चुनौती दी है। क्या राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड का अस्वीकरण अदालत में टिक पाएगा और क्या कावेरी जैसे विवाद को जल संकट के एक और गर्मी के मौसम से पहले सुलझाया जा सकता है। इसका उत्तर संसद में नहीं बल्कि न्यायाधिकरणों में छिपा है।
स्रोत: thehindu.com
यह खबर ऊपर दिए गए स्रोत से एआई द्वारा संकलित की गई है।