
India hockey captain Harmanpreet Singh has said the team is determined to end a 51-year drought and bring home the Hockey World Cup trophy. In an interview with JioStar, he pointed to…
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह का कहना है कि टीम पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब के 51 साल के सूखे को खत्म करने के लिए संकल्पित है। भारत ने आखिरी बार 1975 में फाइनल में पाकिस्तान को हराकर यह टूर्नामेंट जीता था।
JioStar से बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि टोक्यो और पेरिस में लगातार ओलंपिक पदक जीतने से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने रक्षा पंक्ति को भारत की पहली प्राथमिकता बताया और विपक्षी सर्कल में मौकों को भुनाने, जिसमें शॉट और पेनल्टी कॉर्नर शामिल हैं, पर जोर दिया। भारत ने प्रो लीग में भी जर्मनी, नीदरलैंड, पाकिस्तान और इंग्लैंड को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। हरमनप्रीत ने आगे की कठिन चुनौतियों को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि टीम की एकता और आपसी भरोसा ही उनके अभियान का मार्गदर्शन करेगा।
सबसे ज्यादा चर्चा या तो टूर्नामेंट से पहले भारत को विजेता घोषित करने की होगी या फिर लंबे सूखे का हवाला देकर टीम की संभावनाओं को खारिज करने की। ये दोनों ही सतही नजरिए हैं। हालिया ओलंपिक पदक और प्रो लीग की जीत प्रगति का प्रमाण हैं, लेकिन विश्व कप के लिए रक्षा पंक्ति में निरंतरता और दबाव में बेहतर फिनिशिंग की जरूरत है। सबसे बड़ी परीक्षा यह होगी कि क्या भारत नॉकआउट मैचों में उन 50-50 मौकों और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल पाता है या नहीं।
स्रोत: timesnownews.com
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