
The Securities Appellate Tribunal on Friday allowed Zee Entertainment Enterprises and its MD Punit Goenka to complete a ₹3,143 crore preferential warrant issue to a promoter group entity, partially staying SEBI's two-month…
सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने शुक्रवार को ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और पुनीत गोयनका पर लगे दो महीने के सीमित प्रतिबंध पर रोक लगा दी है। इससे कंपनी को प्रमोटर ग्रुप की इकाई को 3,143 करोड़ रुपये के पूरी तरह परिवर्तनीय वारंट जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति मिल गई है। SAT ने गौर किया कि 31 जुलाई को हुई असाधारण आम बैठक में 76.64 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
सुनवाई के दौरान SEBI के वकील ने स्वीकार किया कि विवादित आदेश में ज़ी पर प्रतिभूतियों में धोखाधड़ी या अनुचित व्यापार व्यवहार का कोई आरोप नहीं लगाया गया था। SAT ने ज़ी को एक सप्ताह के भीतर पूरा जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है और SEBI को यह राशि ब्याज देने वाले खाते में रखने को कहा है। ट्रिब्यूनल ने ज़ी को दैनिक व्यावसायिक जरूरतों के लिए म्यूचुअल फंड लेनदेन करने की भी अनुमति दी है। शुक्रवार को ज़ी के शेयर 5.5 प्रतिशत बढ़कर बंद हुए।
SEBI की यह स्वीकारोक्ति कि उसने ज़ी पर धोखाधड़ी (PFUTP) का आरोप नहीं लगाया था, बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के दावों को कमजोर करती है। SAT ने भी नियामक द्वारा पूंजी जुटाने पर प्रतिबंध जारी रखने की जिद को अतार्किक करार दिया है, जो इसके आदेश की आनुपातिकता पर सवाल उठाता है। अंतिम सुनवाई यह तय करेगी कि क्या SEBI वारंट जारी करने के अलावा अन्य व्यापक प्रतिबंधों को सही ठहरा पाता है, या यह निवेशकों के संरक्षण के नाम पर की गई नियामक ज्यादती थी।
स्रोत: thehindubusinessline.com
यह खबर ऊपर दिए गए स्रोत से AI द्वारा तैयार की गई है।