
A fundraising art exhibition titled 'Paropakar 2026' opened in Hyderabad on August 15 to support education for children from economically disadvantaged backgrounds. The show features works by modern and contemporary Indian artists…
हैदराबाद में 15 अगस्त को ‘परोपकार 2026’ नामक एक चित्रकला प्रदर्शनी शुरू हुई, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों की शिक्षा के लिए धन जुटाना है। इसमें एस.एच. रज़ा, अकबर पदमसी, कृष्ण खन्ना, हिम्मत शाह, ठोटा वैकुंठम और सीमा कोहली जैसे आधुनिक एवं समकालीन भारतीय कलाकारों की कृतियाँ प्रदर्शित हैं। यह प्रदर्शनी 16 अगस्त को जुबली हिल्स स्थित स्पिरिट कनेक्ट में जनता के लिए खुली रहेगी।

इस आयोजन में कलाकार-अनुमोदित प्रिंट, सेरीग्राफ, एचिंग्स, सिरेमिक और मूर्तियां भी शामिल हैं। कीमतें लगभग 25,000 रुपये (छोटे सेरीग्राफ) से लेकर 25 लाख रुपये तक (चुनिंदा मूर्तियों जैसी कृतियों) हैं। इससे प्राप्त धनराशि जडचेरला के कोडगल स्थित नचिकेता तपोवन आश्रम में एक नई सुविधा के निर्माण में मदद करेगी, जिसमें विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएँ, एक पुस्तकालय और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने की योजना है।
क्यूरेटर सुष्मा ठोटा के अनुसार, परिसरों में लगभग 650 छात्र नामांकित हैं, जिनमें से लगभग 90% प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थी हैं, जिनमें से कई दैनिक मजदूर परिवारों से हैं। संस्थान राज्य के पाठ्यक्रम का पालन करता है, लेकिन स्वामी विवेकानंद और शारदा देवी से प्रेरित मूल्य-आधारित दृष्टिकोण भी अपनाता है। कक्षाओं में अधिकतम 25-30 छात्र रखे जाते हैं ताकि व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके। प्रदर्शनी की साझेदार मिहिका दग्गुबती ने कहा कि कई छात्रों का औपचारिक शिक्षा से सीमित परिचय है।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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