
Yash began his acting journey in Karnataka, moving to Bengaluru with limited money and taking backstage theatre jobs, including serving tea for ₹50 a day, Telugu360.com reports. He later worked in television…
तेलुगु360 डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार यश ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर्नाटक से की। वे बहुत कम पैसों के साथ बेंगलुरु पहुंचे और उन्होंने थिएटर में बैकस्टेज का काम संभाला जिसमें रोजाना 50 रुपये में चाय पिलाना भी शामिल था। बाद में उन्होंने टेलीविजन में काम किया और कन्नड़ फिल्मों में कदम रखा। मोग्गिना मनासु और गूगली जैसी फिल्मों ने उन्हें एक होनहार अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
वर्ष 2018 में केजीएफ चैप्टर 1 के साथ उन्हें बड़ी सफलता मिली जिसने कन्नड़ सिनेमा को पूरे भारत के दर्शकों तक पहुंचाया। केजीएफ चैप्टर 2 ने उनकी स्थिति को और मजबूत किया। यश अब टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स को हेडलाइन और को-प्रोड्यूस कर रहे हैं। साथ ही वे नितेश तिवारी की दो भागों वाली रामायण में रावण का किरदार निभाएंगे जो कथित तौर पर 4000 करोड़ रुपये के बजट पर बन रही है।
संघर्ष से सफलता तक की यह जानी-मानी कहानी काफी प्रभावशाली है लेकिन यश के उत्थान को केवल कठिनाइयों तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। थिएटर का काम, टेलीविजन, सफल कन्नड़ फिल्में और केजीएफ फ्रेंचाइजी इन सभी ने उनके करियर को बनाने में मदद की है। 4000 करोड़ रुपये की रामायण के दावों की भी पुष्टि की आवश्यकता है क्योंकि स्रोत इस आंकड़े को अंतिम नहीं बल्कि केवल रिपोर्ट किया हुआ बताता है। असली पैमाना यह होगा कि क्या टॉक्सिक और रामायण बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक खरा उतरती हैं।
स्रोत: telugu360.com
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