
The Department of Financial Services under the Finance Ministry has issued guidelines for policyholders facing unfair claim rejections, delays, mis-selling or other service issues. Policyholders must first approach the insurer’s grievance redressal…
वित्त मंत्रालय के अधीन वित्तीय सेवा विभाग ने अनुचित दावा खारिज होने, देरी, गलत बिक्री या अन्य सेवा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे पॉलिसीधारकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। पॉलिसीधारकों को पहले बीमा कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी के पास जाना होगा। बीमा कंपनियों को अपनी शिकायत प्रबंधन प्रणाली में शिकायतें दर्ज करनी होंगी, तुरंत स्वीकार करनी होंगी और 14 दिनों के भीतर समाधान प्रदान करना होगा, विभाग ने कहा।
यदि बीमा कंपनी 14 दिनों के भीतर जवाब नहीं देती है, या पॉलिसीधारक संतुष्ट नहीं है, तो शिकायत भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के बीमा भरोसा पोर्टल पर ले जाई जा सकती है। शिकायतें IRDAI हेल्पलाइन 155255 और 1800-4254-732 के माध्यम से या ईमेल [email protected] पर भी दर्ज की जा सकती हैं। हेल्पलाइन 12 भाषाओं में सहायता प्रदान करती है।
दावों की सलाह अक्सर इस अतिरंजित धारणा तक सीमित हो जाती है कि बीमा कंपनियां हर वैध दावे को खारिज कर देती हैं, या उतनी ही आसान धारणा कि शिकायत दर्ज करने से भुगतान सुनिश्चित हो जाता है। इन दिशानिर्देशों से न तो कोई निष्कर्ष निकलता है। उपयोगी बदलाव एक स्पष्ट पेपर ट्रेल है, जिसमें 14 दिनों की प्रतिक्रिया समय सीमा और एक अपील का रास्ता शामिल है। पॉलिसीधारकों को पॉलिसी दस्तावेज, नोटिस और पत्राचार को संभाल कर रखना चाहिए। असली परीक्षा यह होगी कि कितनी शिकायतों को उन 14 दिनों के भीतर तर्कसंगत समाधान मिलता है, न कि केवल स्वचालित स्वीकृति।
स्रोत: livemint.com
यह कहानी ऊपर दिए गए स्रोत से AI द्वारा संश्लेषित की गई थी।