
Opposition leaders criticised Prime Minister Narendra Modi after he appeared to fumble while speaking about India’s bioeconomy during his Independence Day address from the Red Fort. Congress leader Pawan Khera shared the…
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भारत की बायोइकोनॉमी का उल्लेख कर रहे थे तो वे अटक गए थे जिसे लेकर विपक्षी नेताओं ने उन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इसका वीडियो क्लिप साझा किया वहीं आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने मोदी को आत्मविश्वासी न रहने वाला घबराया हुआ और लड़खड़ाता हुआ बताया। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार यह भाषण करीब 75 मिनट तक चला जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण था।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मोदी द्वारा दिमागी नक्सलियों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मोदी का यह कहना कि वे युवाओं को अराजकता की ओर धकेल सकते हैं गलत है। रमेश ने इस शब्दावली को महज राजनीतिक जुमलेबाजी करार दिया और इसकी तुलना पहले इस्तेमाल किए गए अर्बन नक्सल शब्द से की। कांग्रेस ने महिला आरक्षण परिसीमन और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने पर भी मोदी की टिप्पणियों की आलोचना की है।

एक लंबे सार्वजनिक भाषण के दौरान थोड़ी देर के लिए अटक जाना कमजोरी का सबूत नहीं है और न ही इसका मजाक उड़ाना कोई गंभीर राजनीतिक समीक्षा है। असली चिंता का विषय दिमागी नक्सल जैसे अस्पष्ट लेबल का इस्तेमाल है जो हिंसक उग्रवाद और कानूनी असहमति के बीच की रेखा को धुंधला कर सकता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस शब्द के दायरे में कौन आता है और इस पर क्या कार्रवाई प्रस्तावित है। जब तक ऐसा नहीं होता तब तक असली परीक्षा यह है कि क्या यह साक्ष्य आधारित प्रवर्तन की ओर ले जाएगा या आलोचकों पर हमला करने का महज एक नया जुमला बन जाएगा।
स्रोत (2): hindustantimes.com, news.abplive.com
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