
Recovery expert Michael Mallory has advised pickleball players not to treat pain as proof that recovery is working. He says excessive pressure can make the body tense and guard itself, reducing the…
रिकवरी विशेषज्ञ माइकल मैलोरी ने पिकलबॉल खिलाड़ियों को सलाह दी है कि वे दर्द को इस बात का प्रमाण न मानें कि रिकवरी सही दिशा में है। उनका कहना है कि अत्यधिक दबाव डालने से शरीर तनाव में आ सकता है और खुद को सुरक्षित करने की कोशिश में अकड़ जाता है जिससे व्यायाम का लाभ कम हो जाता है और नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। मैलोरी सुझाव देते हैं कि प्रतिरोध के बिंदु तक व्यायाम करें और फिर दबाव कम कर दें ताकि शरीर आराम महसूस करे और बेहतर तरीके से गति कर सके।
वे यह भी कहते हैं कि शरीर के किसी एक हिस्से का दर्द कहीं और की समस्या का परिणाम हो सकता है जैसे कि ऊपरी पीठ की जकड़न कंधे पर अतिरिक्त दबाव डालती है। खिलाड़ियों को मैच से पहले की वार्म-अप और खेल के बाद की रिकवरी के बीच का अंतर समझना चाहिए। उनके अनुसार रोज पांच मिनट का नियमित व्यायाम जकड़न को समय रहते पहचानने और चोट के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
एक आम धारणा यह है कि गंभीर खिलाड़ियों को दर्द सहना ही पड़ता है जबकि दूसरी अति यह है कि हर छोटी तकलीफ को चोट मान लिया जाता है। मैलोरी की सलाह अधिक व्यावहारिक है कि अपने शरीर को समझें और तैयारी व रिकवरी को अलग रखें तथा दर्दनाक गतिविधियों को जबरदस्ती न करें। रोजाना पांच मिनट का समय एक छोटा सा प्रयास है न कि चिकित्सा की कोई गारंटी। खिलाड़ियों को यह देखना चाहिए कि क्या निरंतरता से समय के साथ उनकी शारीरिक क्षमता में सुधार हो रहा है और दर्द कम हो रहा है।
स्रोत: timesnownews.com
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